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वाकनाघाट, 17 फरवरी 2026: जयपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशनटेक्नोलॉजी (JUIT), वाकनाघाट ने आधुनिक एवं सतत निर्माण तकनीकोंको बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सिविलइंजीनियरिंग विभाग द्वाराप्रीफैब्रिकेटेड एवं प्रीइंजीनियर्ड बिल्डिंगसिस्टमविषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभकिया

इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (HPPWD), सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL), तथा हिमाचल प्रदेशहाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HIMUDA) से कुल 23 अभियंताओं ने भाग लिया इस कार्यक्रम का उद्देश्य अभियंताओं कीतकनीकी क्षमता को बढ़ाना तथा आधुनिक निर्माण तकनीकों को अपनानेके लिए प्रेरित करना है

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. तनमय गुप्ता ने अपने संबोधन मेंप्रीइंजीनियर्ड भवन तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहतकनीक तेजी से निर्माण, बेहतर गुणवत्ता, अधिक सुरक्षा और स्थिरताप्रदान करती है, तथा विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों केलिए अत्यंत उपयुक्त है उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तकनीक कोअपनाना अत्यंत आवश्यक है

माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. के. शर्मा ने अपने संबोधन में समग्रशिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालयोंको उद्योग और सरकारी क्षेत्र से जोड़ते हैं तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्णभूमिका निभाते हैं

रजिस्ट्रार एवं डीन ऑफ स्टूडेंट्स ब्रिगेडियर आर. के. शर्मा ने समाज केविकास में सिविल इंजीनियरों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा किसिविल इंजीनियर देश के आधारभूत ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदानदेते हैं

सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आशीष कुमार ने ड्राईकंस्ट्रक्शन तकनीक की श्रेष्ठता पर जोर देते हुए कहा कि प्रीफैब्रिकेटेडएवं प्रीइंजीनियर्ड भवन भविष्य की आवश्यकता हैं क्योंकि यह तकनीकअधिक तेज, सटीक एवं पर्यावरण अनुकूल है

इस कार्यक्रम में थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला के प्रो. प्रेम पाल बंसल ने विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया

इसके अतिरिक्त Today’s Architects Pvt. Ltd. की विशेषज्ञ टीम, जिसमें सुमित कुमार, अभिनव पराशर, विवेक कंबोज, सचिन शर्मा, नवरत्न गोयल, क्षितिज शर्मा, सैयद हामिद हुसैन तथा मोहम्मद नाहिदसिद्दीकी शामिल थे, ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए

Today’s Architects की टीम के योगदान की प्रतिभागियों औरआयोजकों द्वारा विशेष सराहना की गई

यह कार्यक्रम जेयूआईटी की तकनीकी उत्कृष्टता, क्षमता निर्माण औरआधुनिक निर्माण तकनीकों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है