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लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल, तारा हॉल, शिमला में 28 सितंबर 2026 को बहुप्रतीक्षित वार्षिक समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वप्रसिद्ध लेखक चार्ल्स डिकेंस की कालजयी कृति ‘अ क्रिसमस कैरल’ का प्रभावशाली नाट्य रूपांतरण ‘अ हार्ट रिबॉर्न’ प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्तुति आत्मपरिवर्तन, करुणा और मानवीय संवेदनाओं के पुनर्जागरण के संदेश पर केंद्रित रही।

इस समारोह में कक्षा छठी से दसवीं तक की 670 छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों, पेरिश के गणमान्य सदस्यों, पीटीए सदस्यों तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और विशिष्ट अतिथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संगीत, नृत्य, अभिनय और सार्थक संवादों से सजी इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

समारोह के माननीय मुख्य अतिथि श्रद्धेय फादर डॉ॰ सहाय थडियस थॉमस, शिमला-चंडीगढ़ धर्मप्रांत के बिशप, थे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।

‘अ हार्ट रिबॉर्न’ के माध्यम से एबेनेज़र स्क्रूज के जीवन में आए परिवर्तन को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। एक स्वार्थी, कंजूस और संवेदनहीन व्यक्ति से एक उदार, दयालु और संवेदनशील मनुष्य बनने की उसकी यात्रा ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों, मधुर संगीत, प्रभावशाली संवादों और सशक्त अभिनय ने मंच को जीवंत कर दिया।

नाटक का केंद्रीय संदेश था कि वास्तविक समृद्धि भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि दया, प्रेम, रिश्तों, उदारता और दूसरों की परवाह करने में निहित है। स्क्रूज का परिवर्तन यह संदेश देता है कि जीवन में बदलाव लाने, अपनी भूलों को सुधारने और उदासीनता के स्थान पर करुणा को अपनाने में कभी देर नहीं होती।

इस प्रस्तुति ने चार्ल्स डिकेंस के संदेश को वर्तमान जीवन से भी जोड़ा। आज के तनाव, प्रतिस्पर्धा, भौतिकवाद और सामाजिक एकाकीपन से भरे परिवेश में सहानुभूति, मानवीय संबंधों और परस्पर सहयोग के महत्व को रेखांकित किया गया। दर्शकों को स्वयं से आगे बढ़कर दूसरों के जीवन में आशा, प्रेम और करुणा का स्रोत बनने का संदेश दिया गया। यही क्रिसमस की वास्तविक भावना और संदेश है।

अपने संबोधन में माननीय मुख्य अतिथि फादर डॉ॰ सहाय थडियस थॉमस ने छात्राओं और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र, करुणा, ज़िम्मेदारी और सेवा की भावना का विकास करना भी है। उनका संदेश समारोह की मूल भावना से पूरी तरह जुड़ा रहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह युवा पीढ़ी को संवेदनशील, सहृदय और ज़िम्मेदार नागरिक बनने में सहायता करे।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि फादर डॉ॰ सहाय थडियस थॉमस को विद्यालय प्रबंधन समिति की सचिव सिस्टर अपोलीना द्वारा सम्मानित किया गया।

वार्षिक समारोह को शिमला चैनल 9 द्वारा विशेष रूप से कवर किया गया। चैनल की टीम ने समारोह की लाइव कवरेज एवं नाट्य प्रस्तुति की लाइव रिकॉर्डिंग की। ‘अ हार्ट रिबॉर्न’ की मनमोहक प्रस्तुति, छात्राओं के अभिनय, नृत्य, संगीत तथा कार्यक्रम के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षणों को कैमरे में दर्ज किया गया। इस मीडिया कवरेज ने विद्यालय के इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समारोह का समापन प्रधानाचार्या श्रीमती रितु शर्मा द्वारा प्रस्तुत आभार ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, विशिष्ट अतिथियों और अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने छात्राओं, शिक्षकों, सहायक कर्मचारियों तथा इस पूरे आयोजन से जुड़े प्रत्येक सदस्य के अथक परिश्रम और समर्पण की सराहना की, जिनके सामूहिक प्रयासों से यह समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

वार्षिक समारोह ने दर्शकों के मन में एक गहरा संदेश छोड़ा—हृदय में परिवर्तन हमेशा संभव है, जीवन को नई दिशा हमेशा दी जा सकती है और करुणा का एक छोटा-सा प्रयास भी किसी के जीवन में सार्थक परिवर्तन ला सकता है।

यह समारोह केवल छात्राओं की प्रतिभा और रचनात्मकता का उत्सव नहीं था, बल्कि लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल की शिक्षा के मूल में निहित करुणा, सेवा, प्रेम, साहस और दूसरों की देखभाल जैसे मानवीय मूल्यों का जीवंत उत्सव भी था।